राज्यपाल ने झारखंड माइनिंग एवं कंस्ट्रक्शन शो–2026 का किया उद्घाटन, बोले—देश के खनन क्षेत्र में झारखंड की भूमिका अहम

रांची। ओलंपिया एग्जिबिशन प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान में प्रभात तारा मैदान में आयोजित तीन दिवसीय “द्वितीय संस्करण झारखंड माइनिंग एवं कंस्ट्रक्शन शो–2026” का उद्घाटन गुरुवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक और खनिज संसाधनों से अत्यंत समृद्ध राज्य है और देश के खनन क्षेत्र में इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। देश के कुल खनिज संसाधनों का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा झारखंड में पाया जाता है, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

राज्यपाल ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की यह पावन धरती सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ-साथ राष्ट्र को विभिन्न क्षेत्रों में नई दिशा दे रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ‘आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत’ के संकल्प के साथ ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, जिसमें झारखंड की भी अहम भूमिका है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संसाधनों का उपयोग केवल आर्थिक लाभ तक सीमित न रहे, बल्कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड माइनिंग एवं कंस्ट्रक्शन शो–2026 केवल खनन गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तरदायी और तकनीक आधारित खनन, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, श्रम-कल्याण, अधोसंरचना विकास, निवेश संवर्धन और रोजगार सृजन जैसे समकालीन विषयों को भी समाहित करता है। उन्होंने विकास और पर्यावरण, उद्योग और श्रमिक हित तथा आर्थिक प्रगति और सामाजिक संतुलन के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही कहा कि खनन क्षेत्र का भविष्य सतत विकास, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित होना चाहिए। श्रमिकों की सुरक्षा, उनके कल्याण, कौशल विकास और सम्मानजनक जीवन-स्तर सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कंपनियों को कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत जन-कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए।

इस अवसर पर पूर्व सांसद महेश पोद्दार ने कहा कि माइनिंग सेक्टर में झारखंड की अहमियत अत्यधिक है और यहां अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि माइनिंग सेक्टर में लगातार बदलाव हो रहा है—वर्तमान में लगभग एक बिलियन टन कोयले का खनन किया जा रहा है और अब कोयला आयात की जगह निर्यात की दिशा में कदम बढ़ रहे हैं। स्टील उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है। छोटे-छोटे माइनर्स की बढ़ती भागीदारी विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक होगी।

ओलंपिया एग्जिबिशन प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन लोकेश चौधरी और सीईओ एस.के. त्रिपाठी ने बताया कि खनन, निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के लिए रांची में दूसरी बार इस शो का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी माइनिंग, मिनरल्स, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, पावर, स्टील, सीमेंट और सहायक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। देश-विदेश की 100 से अधिक अग्रणी कंपनियां यहां अपनी नवीनतम मशीनरी, तकनीक और औद्योगिक समाधान प्रदर्शित कर रही हैं। शो का उद्देश्य सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी कंपनियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है, जिससे झारखंड में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।

उद्घाटन समारोह में सीसीएल, सीएमपीडीआई, बीसीसीएल, मेकॉन तथा झारखंड सरकार के भू-वैज्ञानिक विभाग के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण लघु उद्योग भारती के पूर्व अध्यक्ष विजय छापरिया ने दिया। इस अवसर पर एमएसएमई झारखंड के इंद्रजीत यादव, डीजीएमएस के निदेशक अजीत कुमार, लघु उद्योग भारती के उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश पांडे, ललित केडिया, सरिता पांडे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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