धनबाद। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के लिए यह गर्व का क्षण है कि संस्थान की एक छात्र टीम को देशभर की टॉप 37 टीमों में शामिल किया गया है। इस टीम का चयन वीएलएसआई सोसाइटी ऑफ इंडिया (वीएसआई) के प्रतिष्ठित वन टॉप्स (वन टेप-आउट पर स्टूडेंट) प्रोग्राम के तहत हुआ है। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में इंडस्ट्री-रेडी चिप डिजाइन टैलेंट तैयार करना है।
इस प्रोग्राम के अंतर्गत वीएसआई द्वारा छात्रों को एमपीडब्ल्यू चिप टेप-आउट के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपना पूर्ण सिलिकॉन प्रोटोटाइप विकसित कर सकेंगे। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की टीम वीएलएसआईएसएम इस अवसर पर 65 नैनोमीटर टेक्नोलॉजी पर आधारित एक लो-पावर और लो-एरिया रिस्क-वी सिस्टम ऑन चिप (SoC) का डिजाइन और टेप-आउट करेगी।
यह SoC विशेष रूप से रोबोटिक्स और ड्रोन एप्लिकेशन को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। इसमें लिनक्स सपोर्ट वाला रिस्क-वी कोर और एक कस्टम एआई एक्सेलेरेटर शामिल होगा, जो सीएनएन जैसे रियल-टाइम कंप्यूटर विज़न टास्क को कुशलता से संभालने में सक्षम होगा। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से ओपन-सोर्स रिस्क-वी आर्किटेक्चर और स्वदेशी वीएलएसआई डिजाइन वर्कफ्लो पर आधारित है, जो इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और आत्मनिर्भर भारत के विज़न के अनुरूप है।
इस प्रोजेक्ट को अकादमिक मार्गदर्शन प्रो. राजीव कुमार रंजन द्वारा दिया जा रहा है, जबकि इंडस्ट्री मेंटर के रूप में सुमित कुमार, सीनियर मैनेजर – डिजाइन वेरिफिकेशन इंजीनियरिंग, अनालॉग डिवाइसेस जुड़े हैं, जिनके पास सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
संस्थान ने डॉ. सत्य गुप्ता, सीईओ, वीएलएसआई सोसाइटी ऑफ इंडिया (वीएसआई) और उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने वन टॉप्स पहल के माध्यम से भारत में एक मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस चयनित टीम में महारिशि सोनवानी, सौम्यजीत सामंता, नितिन सिंघल, अमरकांत, आदित्य रंजन, धनंजय झा, कृष्ण सुरलाकर और प्रद्युम्न अग्रवाल शामिल हैं।
यह उपलब्धि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की वीएलएसआई रिसर्च, रिस्क-वी इनोवेशन और भारत के उभरते सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।
