एसआईआर को ‘महामृत्युंजय मंत्र’ की तरह किया जा रहा इस्तेमाल : सुप्रियो भट्टाचार्य

रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि भारतीय चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का उपयोग “महामृत्युंजय मंत्र” की तरह किया जा रहा है और इसके जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।

गुरुवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने दावा किया कि अब तक 12.5 लाख नाम मतदाता सूची से काटे जा चुके हैं और आगे 20 लाख नाम और हटाने की योजना है। इसे उन्होंने सरकार की बड़ी साजिश बताया।

भट्टाचार्य ने कहा कि सामान्य तौर पर फॉर्म 6, 7 और 8 के माध्यम से मतदाता सूची में बदलाव होता है, लेकिन एसआईआर का इस्तेमाल विरोधियों को चिन्हित करने के लिए किया जा रहा है। सर्वे के दौरान मकानों की गिनती और होल्डिंग नंबर मांगे जाने पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब पहचान और पते के लिए अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो इसकी आवश्यकता क्यों है।

उन्होंने “संतुष्टि” जैसे अपार्टमेंट्स का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि मतदाताओं के धर्म की पहचान कर उन्हें वोटर लिस्ट से बाहर करने की साजिश रची जा रही है।

पश्चिम बंगाल के चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां 72 घंटे पहले मोटरसाइकिल पर अकेले चलने का निर्देश दिया गया, ताकि लोग अपने परिवार को मतदान केंद्र तक न ले जा सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान केंद्रों के 100 मीटर दायरे को नो मैन्स लैंड बना दिया गया है और स्थानीय लोगों को उनके घरों से हटाकर स्कूलों में शिफ्ट किया गया है।

भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल केवल “ट्रेलर” है और अगला निशाना झारखंड हो सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गुजरात और राजस्थान से माइक्रो ऑब्जर्वर बुलाए जा रहे हैं।

सुरक्षा बलों की तैनाती पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जहां पूरे देश में लगभग 3.05 लाख पैरामिलिट्री फोर्स तैनात होती है, वहीं अकेले पश्चिम बंगाल में 2.45 लाख जवान लगाए गए हैं। जम्मू-कश्मीर में इस्तेमाल होने वाली बख्तरबंद गाड़ियों को बंगाल में उतारना भी उन्होंने डर का माहौल बनाने वाला कदम बताया।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इन सभी रणनीतियों को समझ चुकी है और झारखंड में किसी भी तरह की धांधली या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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