नई दिल्ली, 22 मार्च। पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्रों में गैस वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और आपूर्ति दबाव कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार का लक्ष्य घरेलू एलपीजी पर निर्भरता घटाकर पाइपलाइन आधारित गैस (सीएनजी/पीएनजी) को बढ़ावा देना है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सरकार ने शहरों में पाइपलाइन गैस परियोजनाओं के आवेदनों को तेजी से निपटाने और प्रमुख क्षेत्रों में वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच घरेलू और व्यावसायिक जरूरतों को सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।
बयान के मुताबिक, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने अपने सभी कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) से जुड़े आवेदनों का निपटारा 10 दिनों के भीतर करें। इससे पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति व्यवस्था को तेजी से लागू किया जा सकेगा।
सरकार की व्यापक रणनीति के तहत बड़े शहरों और शहरी क्षेत्रों में वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं को पाइपलाइन आधारित पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर स्थानांतरित होने की सलाह दी गई है। इससे घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। वितरकों के पास किसी प्रकार की कमी की सूचना नहीं है और देशभर में गैस वितरण सामान्य रूप से जारी है। साथ ही, अधिकतर आपूर्ति वितरण प्रमाणीकरण कोड (DAC) के माध्यम से हो रही है, जिससे अचानक बढ़ने वाली मांग की स्थिति में भी कमी आई है।
