झारखंड के खूंटी जिले स्थित उलिहातू गांव एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब देश के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन यहां पहुंचे। उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जन्मस्थली पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय योगदान को याद किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।
बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति ने उलिहातू पहुंचकर बिरसा मुंडा की प्रतिमा और उनके जन्मस्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है, जो आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
वंशजों और ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात
अपने दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने बिरसा मुंडा के वंशजों और स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की। ग्रामीणों ने पारंपरिक “जोहार” के साथ उनका स्वागत किया, जिससे कार्यक्रम का माहौल आत्मीय और भावनात्मक बन गया।
पूरे क्षेत्र में दिखा उत्साह
उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर उलिहातू और आसपास के गांवों में सुबह से ही भारी उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए जुटे रहे। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने को उत्साहित नजर आए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
दौरे को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती की गई और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी गई, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
झारखंड के गौरव से जुड़ा अहम क्षण
उपराष्ट्रपति का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं रहा, बल्कि झारखंड के इतिहास, संस्कृति और गौरव से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर बना। बिरसा मुंडा की धरती पर पहुंचकर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के योगदान को भी सम्मान दिया।
