गैस फील्ड को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान, यूएस-इजरायल युद्ध नए स्तर पर पहुंच गया है। गुरुवार रात यरूशलम और तेहरान में नए धमाके सुने गए। रिपोर्टों के मुताबिक यरूशलम में साइरन की आवाज सुनाई दी और आसमान में मिसाइलें देखी गईं। इस बीच, सऊदी अरब और बहरीन दोनों ने कहा है कि उन्होंने ड्रोन इंटरसेप्ट किए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनके तेल एवं गैस संयंत्रों पर यदि फिर हमले हुए तो ईरान ‘कोई संयम नहीं बरतेगा।’ नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के गैस फील्ड साउथ पास में इजराइल ने अकेले हमले किए। कतर के रास लफान ऊर्जा संयंत्र पर हमला होने के बाद ब्रिटेन और यूरोप में गैस की कीमत बढ़ गई है।
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक लाल सागर में ईरान ने सऊदी अरब की एक रिफाइनरी पर हमले किए। ईरान के हमले से कतर के एलएनजी संयंत्र एवं कुवैत की दो रिफाइनरियों में आग लग गई। जबकि इजराइल की ऑयल रिफाइनरी को हल्का नुकसान पहुंचा है। ईरान के सबसे बड़े गैस फील्ड पर इजराइल का हमला होने के बाद तेहरान मध्य पूर्व के देशों के तेल एवं ऊर्जा के ठिकानों पर हमले किए हैं। युद्ध शुरू होने के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में 60 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हो गया है। ईरान के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि यूरेनियम समृद्ध करने अथवा बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की ईरान की क्षमता समाप्त हो गई है।
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कतर का LNG प्लांट तबाह हो गया है।
भारत ने साफ किया है कि वह देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए दुनिया के हर संभावित विकल्प पर विचार कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत जहां भी एलपीजी (LPG) उपलब्ध होगी, वहां से खरीदने की कोशिश करेगा, चाहे वह रूस ही क्यों न हो। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम हर जगह से एलपीजी खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जहां भी यह उपलब्ध है। अगर रूस में उपलब्ध है तो हम वहां भी जाएंगे, क्योंकि मौजूदा स्थिति ऐसी है कि हमें अपने लोगों की ईंधन जरूरतों को हर हाल में पूरा करना है। हम चाहते हैं कि हमारे पास ज्यादा से ज्यादा विकल्प मौजूद रहें।”
