हजारीबाग में एनटीपीसी के खनन क्षेत्र वाले इलाके में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और कई रैयतों के घर को बुलडोजर चला कर तोड़ दिया गया। योगेंद्र साव ने 15 साल पहले इस मकान को बनाया था।
एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल माइंस के सामने जोरदाग झुमरी टांड में स्थित योगेंद्र साव और अन्य भू रैयतो के घर को बुलडोजर चला कर तोड़ दिया गया। अपने इस घर का निर्माण 2011 में योगेंद्र साव ने किया था। इस कार्रवाई को लेकर पिछले कुछ दिनों के तनाव का माहौल था। यह भी आरोप लगाया गया था कि योगेंद्र साव की ओर से पहाड़ पर चढ़ कर तीन-धनुष से एनटीपीसी के अधिकारियों पर हमला किया गया था। जिसके बाद के कंपनी का रवैया सख्त हो गया था और कड़ी सुरक्षा के बीच बुलडोजर चलाने की कार्रवाई हुई।
पूर्व मंत्री और अन्य रैयतों का घर तोड़े जाने पर रैयतों में काफी नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि झारखंड सरकार की ओर से जितने भी बोलेरो पुलिस को रक्षा के लिए दिया गया है, इस वाहन का उपयोग भी एनटीपीसी कंपनी को सहयोग करने और घरों को तोड़ने में लगाया गया। स्थानीय रैयतों का आरोप है कि एनटीपीसी की ओर से किसानों और भू रैयतो का शोषण किया जा रहा है। कंपनी की ओर से बिना बसाए भू रैयतो को बेघर किया जा रहा है। इनके लिए स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, श्मशान घाट, सड़क और पानी की व्यवस्था नहीं की गई।
योगेंद्र साव ने कहा कि वो बड़कागांव में मौजूद नहीं है कहीं बाहर है। उन्हें पता चला है कि भारी पुलिस बल के साथ उनके घर को तोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा वर्तमान सरकार को उठाना पड़ेगा।
