झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे, जहां संथाल समाज की पारंपरिक ‘कुठ कटी’ रीति से नाइके चयन प्रक्रिया में शामिल हुए। सीएम के आगमन के बाद दोपहर में आमसभा शुरू हुई और वे चयन प्रक्रिया में प्रारंभ से अंत तक मौजूद रहे।

सोहन सोरेन के त्यागपत्र के बाद आयोजित सभा में सर्वसम्मति से चेतन टुडू को नया नाइके बाबा चुना गया। पारंपरिक हथियार और पगड़ी पहनाकर उनका सम्मान किया गया तथा ग्राम देवताओं की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
इस दौरान ग्रामीणों ने धान अधिप्राप्ति केंद्र खोलने, स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने और पेयजल समस्या के समाधान की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अपने अस्वस्थ चाचा श्रीकांत सोरेन से मुलाकात कर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने को कहा।
संथाल समाज में नाइके का पद धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सीएम की उपस्थिति में परंपराओं का पूर्ण सम्मान किया गया, जिससे गांव में उत्साह का माहौल रहा।
