रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सदन के पटल पर वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया गया। बजट प्रस्तुत करने के बाद राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा परिसर के बाहर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और बजट के प्रमुख बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी।
कृषि, ग्रामीण विकास और जल संसाधन पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने, ग्रामीण विकास को गति देने तथा जल संसाधन और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
महिला, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता
उन्होंने बताया कि महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, स्वास्थ्य चिकित्सा एवं परिवार कल्याण सेवाओं के उन्नयन तथा श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है।
आधारभूत संरचना और शहरी विकास के लिए प्रावधान
वित्त मंत्री के अनुसार खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले, पेयजल एवं स्वच्छता, वन एवं पर्यावरण संरक्षण, पथ निर्माण, नगर विकास एवं आवास, भवन निर्माण विभाग और नागर विमानन क्षेत्र के लिए भी विशेष बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
इसके अलावा उद्योग, ग्रामीण कार्य विभाग, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा मामले, गृह एवं कारा विभाग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा योजना एवं विकास विभाग से संबंधित योजनाओं के लिए भी पर्याप्त राशि आवंटित की गई है।
सर्वांगीण विकास का दावा
वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के सर्वांगीण विकास, आधारभूत संरचना के विस्तार और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट प्रावधानों से राज्य में विकास की नई गति आएगी और विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा।
