हेमंत सोरेन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाईकोर्ट ने फिलहाल राहत नहीं दी। ED को 20 अक्टूबर तक सप्लीमेंट्री एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश मिला है। अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को
Tribal Plus News
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। स्पेशल PMLA कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर अदालत ने फिलहाल कोई राहत नहीं दी है। हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को 20 अक्टूबर तक सप्लीमेंट्री एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
चीफ जस्टिस एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। हेमंत सोरेन की ओर से वरीय अधिवक्ता नागमुथु और अधिवक्ता शशांक शेखर ने पक्ष रखा।हेमंत सोरेन ने स्पेशल PMLA कोर्ट के 21 सितंबर को दिए गए आदेश के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दाखिल की है। निचली अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

मुख्यमंत्री की ओर से मांग की गई थी कि जब तक ED की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे न बढ़ाई जाए। हालांकि, PMLA कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट में इस याचिका की मेंटेनबिलिटी का मुद्दा भी विचाराधीन है। अदालत ने ED को अपना सप्लीमेंट्री एफिडेविट दाखिल करने के लिए 20 अक्टूबर तक का समय दिया है। इसके बाद 29 अक्टूबर को मामले में अगली सुनवाई होगी।
इसे भी देखे- 21 फरवरी को Ranchi में ‘आदिवासी बचाओ महारैली’, क्या हैं प्रमुख मांगें?
