रांची: झारखण्ड वित्त सेवा एवं सहकारिता सेवा के परिक्ष्यमान पदाधिकारियों ने आज झारखंड विधान सभा का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने विधानसभा के सभा कक्ष, पुस्तकालय कक्ष सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया और यह समझा कि सत्र के दौरान विधानसभा किस प्रकार संचालित होती है तथा समितियां कैसे कार्य करती हैं।
भ्रमण के क्रम में परिक्ष्यमान पदाधिकारियों ने माननीय अध्यक्ष महोदय से शिष्टाचार भेंट भी की। अध्यक्ष ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के बाद वे फील्ड में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करेंगे, जहां उन्हें जनप्रतिनिधियों—सांसद, विधायक एवं अन्य राजनेताओं—के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा।
उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में संतुलन, संवाद और शिष्टाचार की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। साथ ही “Warrant of Precedence” के तहत राज्य के प्रोटोकॉल एवं पदानुक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार रखना चाहिए, उनकी बातों को धैर्यपूर्वक सुनना चाहिए और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सरकारी कार्यक्रमों एवं आयोजनों में जनप्रतिनिधियों को ससम्मान आमंत्रित करना और उनके प्रति उचित शिष्टाचार का पालन करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसके अलावा उन्होंने संसदीय व्यवस्था में विशेषाधिकार एवं प्रोटोकॉल से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी विस्तार से स्पष्ट किया।
अंत में माननीय अध्यक्ष ने सभी प्रशिक्षु पदाधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में उनके माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करेंगे, जिससे झारखंड प्रशासनिक दक्षता के नए आयाम स्थापित कर सके।
