रांची स्थित ऑड्रे हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने “आदिनिवास (Adinivaas) ऐप” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म देशभर के आदिवासी समाज को एक सूत्र में जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “आदिनिवास” केवल एक ऐप नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, भाषा, परंपरा, भूमि और जीवनशैली को संरक्षित करने का एक मजबूत माध्यम है। इसके जरिए रोजगार, आर्थिक विकास और युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस दौर में आदिवासी समाज को भी तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने ऐप के निर्माता युवा नवप्रवर्तक नितिन कुजूर की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मेहनत, लगन और रचनात्मक सोच के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल और डिजिटल तकनीक के माध्यम से पूरी दुनिया से जुड़ना आसान हो गया है और ऐसे में आदिवासी समाज की विशेषताओं एवं प्रतिभाओं को वैश्विक मंच तक पहुंचाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि बदलते समय के साथ सोच और कार्यशैली में भी बदलाव जरूरी है, लेकिन इस प्रक्रिया में समाज, संस्कृति और सभ्यता को बचाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि “आदिनिवास” ऐप आदिवासी समाज को आत्मनिर्भर, सशक्त और गर्वित पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की युवा उन्मुख योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया that झारखंड सरकार द्वारा दुमका में पायलट ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया गया है, जहां अब राज्य के युवा कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी युवाओं को इस प्रशिक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि राज्य के युवा आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन सकें।
इस अवसर पर महुआ माजी, राजेश कच्छप, आदिनिवास ऐप के फाउंडर नितिन कुजूर, को-फाउंडर मनीष लकड़ा एवं किरण लकड़ा सहित कई गणमान्य अतिथि और आदिनिवास टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
