भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद राज्य निर्वाचन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर बूथ लेवल ऑफिसर यानी (बीएलओ) के कार्यों की भौतिक जांच करें। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक घर पर बीएलओ की जानकारी वाला स्टिकर लगा हो। जिन घरों में नंबर नहीं हैं, वहां नोशनल नंबर देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही बीएलओ रजिस्टर में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी सदस्यों का नाम और हाउस नंबर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।
बैठक में पैरेंटल मैपिंग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। निर्देश दिया गया कि डोर-टू-डोर अभियान के दौरान जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, उन्हें शीघ्र जोड़ा जाए। इसके अलावा एब्सेंट, शिफ्टेड, मृत और डुप्लिकेट मतदाताओं की पहचान कर उन्हें सूची से हटाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि “बुक ए कॉल” के माध्यम से प्राप्त सभी शिकायतों का 48 घंटे के भीतर कॉल बैक कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मैपिंग में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए सघन जांच के निर्देश भी दिए।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, ट्रेनिंग नोडल अधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर सहित सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
