दुमका जिले की मोहलबना पंचायत के कदमा गांव में छह महिलाएं पिछले 9–10 वर्षों से अपने पति के जीवित होने के बावजूद विधवा पेंशन का लाभ ले रही थीं। सोशल ऑडिट में मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मंगलवार को भौतिक सत्यापन किया गया।
उपायुक्त के निर्देश पर बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा गांव पहुंचे। जांच के दौरान संबंधित महिलाओं के पति भी मौके पर मौजूद मिले। बीडीओ ने सख्ती से पूछताछ की, लेकिन महिलाएं और उनके पति कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
जिला प्रशासन ने इसे सरकारी राशि के दुरुपयोग और जानबूझकर की गई धोखाधड़ी का मामला माना है। जांच के समय प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), कनीय अभियंता, पंचायत की मुखिया, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक और पंचायत स्वयंसेवक भी मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
