रांची के धुर्वा स्थित शालिमार बाजार में संचालित हाईजेनिक फिश मार्केट और फिश फीड मिल का मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई खामियां सामने आने पर उन्होंने 10 दिनों के भीतर सुधार के निर्देश दिए। साथ ही SOP लागू करने, पारदर्शिता बढ़ाने और राज्यभर में आधुनिक मत्स्य बाजार विकसित करने पर जोर दिया।
राजधानी रांची के धुर्वा स्थित शालिमार बाजार में संचालित हाईजेनिक फिश मार्केट एवं फिश फीड मिल का आज मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने औचक निरीक्षण किया। यह बाजार रांची सहित आसपास के क्षेत्रों के मत्स्य उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ताज़ी मछलियों की आपूर्ति होती है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि बाजार से उपभोक्ताओं को लाभ तो मिल रहा है, लेकिन व्यवस्थाओं में कई खामियां मौजूद हैं। अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए।
मंत्री ने संचालन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने को कहा। उन्होंने रेंटल एग्रीमेंट, किराया निर्धारण और दुकानदारों को मिलने वाली सुविधाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड के हर जिले में इस तरह के आधुनिक और सुव्यवस्थित मत्स्य बाजार विकसित किए जाएं, ताकि मत्स्य किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को सीधा लाभ मिल सके। साथ ही मत्स्य पालन से जुड़े किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए।

जानकारी के अनुसार, इस बाजार में प्रतिदिन लगभग 6 मीट्रिक टन मछलियों की आपूर्ति होती है, जो गेतलसूद, चांडिल, कोनार, मैथन, पंचेत और मसानजोर जैसे प्रमुख जलाशयों से लाई जाती है और यहां से विभिन्न बाजारों में वितरित की जाती है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बाजार परिसर की साफ-सफाई, रख-रखाव और स्वच्छता मानकों को प्राथमिकता देने को कहा। इसके साथ ही फिश फीड मिल की आपूर्ति और वितरण से जुड़े अद्यतन लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।

इस मौके पर मंत्री ने मत्स्य प्रशिक्षण में भाग ले रहे किसानों से संवाद किया। किसानों ने बताया कि अगले 15 से 30 दिनों में फिश फीड की मांग बढ़ने की संभावना है। इस पर मंत्री ने मत्स्य निदेशक को सभी जिलों से मांग का आकलन कर जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया, ताकि समय पर किसानों को फिश फीड उपलब्ध कराया जा सके।
अंत में मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
