Hul Diwas: BJP Jharkhand ने सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि

Hul Diwas

Tribal Plus News

Hul Diwas पर BJP Jharkhand के नेताओं ने रांची में वीर शहीद सिदो मुर्मू और कान्हू मुर्मू को श्रद्धांजलि अर्पित की। जानें कार्यक्रम की पूरी जानकारी।

Hul Diwas पर BJP Jharkhand ने वीर शहीदों को किया नमन

Hul Diwas के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) झारखंड ने रांची के मोरहाबादी स्थित वीर शहीद सिदो मुर्मू और कान्हू मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भाग लिया। नेताओं ने संथाल हूल के महानायकों के साहस, संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर उपस्थित नेताओं ने कहा कि Hul Diwas केवल इतिहास को याद करने का दिन नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा लेने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

Hul Diwas

संथाल हूल आंदोलन का ऐतिहासिक महत्व

हूल दिवस संथाल हूल आंदोलन की स्मृति में मनाया जाता है। वर्ष 1855 में सिदो मुर्मू और कान्हू मुर्मू के नेतृत्व में संथाल समाज ने ब्रिटिश शासन और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ ऐतिहासिक विद्रोह किया था। यह आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के शुरुआती जनआंदोलनों में से एक माना जाता है।

सिदो-कान्हू के नेतृत्व में हजारों आदिवासियों ने अपने अधिकारों, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका साहस और बलिदान आज भी आदिवासी समाज सहित पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

रांची के मोरहाबादी स्थित प्रतिमा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने वीर शहीदों की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

नेताओं ने कहा कि संथाल हूल के महानायक सिदो-कान्हू ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ जो संघर्ष किया, वह भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनका जीवन समाज के प्रत्येक वर्ग को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है।

कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, पूर्व विधायक राम कुमार पाहन, जिला पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। सभी ने वीर शहीदों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया गया। नेताओं ने कहा कि आदिवासी वीरों का योगदान देश के इतिहास का अमूल्य हिस्सा है और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष से परिचित कराना आवश्यक है।

हूल दिवस का संदेश

हूल दिवस हमें यह याद दिलाता है कि स्वतंत्रता और न्याय के लिए किए गए संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाते। सिदो मुर्मू और कान्हू मुर्मू ने अपने अदम्य साहस से यह साबित किया कि अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर संघर्ष किया जाए तो परिवर्तन संभव है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि उनका बलिदान समाज में समानता, न्याय और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करता है। ऐसे महान क्रांतिकारियों की स्मृति को संरक्षित रखना और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।

आधिकारिक बयान

कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि संथाल हूल के महानायक सिदो मुर्मू और कान्हू मुर्मू का साहस, संघर्ष और बलिदान सदैव समाज को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने तथा राष्ट्र और समाजहित में समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा।

जनता के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

हर वर्ष हूल दिवस के अवसर पर झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सिदो-कान्हू और अन्य आदिवासी वीरों को श्रद्धांजलि दी जाती है। यह दिन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में आदिवासी समाज के ऐतिहासिक योगदान को याद करने और नई पीढ़ी तक उस विरासत को पहुंचाने का अवसर माना जाता है।

Leave a Reply

Discover more from Tribal Plus News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading