केंद्रीय कर्मचारियों के लंबे इंतजार के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकार ने आधिकारिक पुष्टि कर दी है। पंकज चौधरी ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि 3 नवंबर 2025 को आयोग का गठन कर दिया गया है। इस आयोग को वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
18 महीने में रिपोर्ट सौंपेगा आयोग
संसद में दिए गए लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के साथ आयोग को अधिसूचित कर दिया गया है। आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। वेतन और पेंशन पर पड़ने वाले वास्तविक वित्तीय प्रभाव का आकलन सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगा।
सभी हितधारकों से मांगे जा रहे सुझाव
आयोग व्यापक स्तर पर फीडबैक जुटा रहा है। इसके लिए MyGov पोर्टल पर 18 सवालों की प्रश्नावली जारी की गई है। इसमें मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, कर्मचारी संगठनों, शिक्षकों और आम नागरिकों से सुझाव मांगे गए हैं। ऑनलाइन सुझाव देने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई है।
कब से मिलेगा बढ़ी सैलरी का लाभ
औपचारिक रूप से 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है, लेकिन संशोधित वेतन का लाभ मिलने में समय लग सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नई सैलरी का भुगतान 2026 के अंत या वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान शुरू होने की संभावना है।
एरियर मिलने की उम्मीद
कर्मचारियों के लिए राहत की बात यह है कि देरी होने पर भी आर्थिक नुकसान नहीं होगा। संशोधित वेतन की गणना 1 जनवरी 2026 से ही की जाएगी, जिससे बकाया राशि (एरियर) बाद में एकमुश्त मिलने की संभावना है।
सैलरी में संभावित बढ़ोतरी
हालांकि अभी तक वेतन वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन पिछले रुझानों के आधार पर अनुमान है कि सैलरी में 20% से 35% तक बढ़ोतरी हो सकती है। फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। अंतिम निर्णय देश की आर्थिक स्थिति और महंगाई दर पर निर्भर करेगा।
कुल मिलाकर, 8वें वेतन आयोग का गठन केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत और नई उम्मीद लेकर आया है।
