रांची, 15 जनवरी।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित सभागार में डीएमएफटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट), यूनाइटेड फंड, सीएसआर, बीपीएचयू–पीएम एबीएचआईएम, सांसद एवं विधायक निधि तथा 15वीं वित्त आयोग (स्वास्थ्य) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले में अब तक स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई, साथ ही विभिन्न मदों के अंतर्गत लंबित योजनाओं पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
समीक्षा के दौरान सभी कार्यकारी एजेंसियों को सख्त निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप, उच्च गुणवत्ता के साथ और वित्तीय नियमावली का पूर्ण पालन करते हुए किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं स्थानीय समुदायों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से लागू करना रहा। इस दौरान डीएमएफटी, यूनाइटेड फंड, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR), ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) अंतर्गत प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM), सांसद निधि (MPLADS), विधायक निधि तथा 15वीं वित्त आयोग के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य परियोजनाओं पर विशेष फोकस किया गया।

उपायुक्त ने कहा कि ये सभी फंड जिले के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, विशेषकर स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों के कल्याण में इनकी बड़ी भूमिका है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों से अपील की कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त सौरभ भुवनिया, निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, जिला ग्रामीण विकास अभियंत्रण, सिविल सर्जन रांची, प्रभारी विकास शाखा, जिला योजना पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद, जिला खनन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
