रांची में हिंदी दिवस 2026 पर भव्य समारोह, हिंदी के व्यापक उपयोग पर जोर

रांची में हिंदी दिवस 2026 पर राजभाषा कार्यालय ने समारोह आयोजित किया। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने हिंदी के प्रचार, विज्ञान, शोध और रोजगार में उपयोग पर जोर दिया।

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रांची: हिंदी दिवस 2026 के अवसर पर प्रमंडलीय राजभाषा कार्यालय, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, राँची की ओर से 14 सितम्बर 2026 को कार्यालय सभागार में गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए। समारोह में राजभाषा हिंदी के महत्व, इसके व्यापक उपयोग और बदलते तकनीकी दौर में हिंदी को विज्ञान एवं रोजगार से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई।

हिंदी दिवस समारोह का गरिमामय शुभारंभ

हिंदी दिवस 2026 कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य अतिथियों के स्वागत और माल्यार्पण के साथ हुई। कार्यक्रम का संचालन उप निदेशक, राजभाषा श्री रविशंकर मिश्रा ने किया। मुख्य अतिथि श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद श्री रविशंकर मिश्रा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि श्री संजय कुमार भगत ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदी के महत्व पर अपने विचार रखे।

समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और साहित्यिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। आयोजन का उद्देश्य सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम लोगों में राजभाषा के प्रति जागरूकता पैदा करना भी रहा।

हिंदी देश को जोड़ने वाली भाषा: उपायुक्त

मुख्य अतिथि श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अपने संबोधन में राजभाषा हिंदी के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को दैनिक जीवन और कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया।

हिंदी दिवस 2026

उन्होंने कहा कि हिंदी कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक देश को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य करती है। उनके अनुसार हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं है, बल्कि देश की एकता, अखंडता और भावात्मक एकजुटता की सशक्त अभिव्यक्ति भी है।

उपायुक्त ने इस बात पर भी जोर दिया कि भाषा के प्रति सम्मान केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सरकारी कार्यालयों, शिक्षा और सामाजिक जीवन में हिंदी के सहज एवं प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ावा देना आवश्यक है।

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मातृभाषा में पढ़ाई से वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा

हिंदी दिवस 2026 समारोह में शिक्षा और भाषा के बीच संबंध को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया। उपायुक्त ने मातृभाषा में अध्ययन और पठन-पाठन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपनी भाषा में सीखने से किशोरों में वैज्ञानिक सोच को विकसित करने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने वर्तमान एआई युग की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक के तेजी से विस्तार के बीच मौलिक सोच और भाषा की समृद्धि को बनाए रखना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे समय में हिंदी को केवल साहित्य और सामान्य संचार तक सीमित रखने के बजाय विज्ञान, नवाचार, शोध और रोजगारपरक क्षेत्रों से जोड़ने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि हिंदी को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान की भाषा बनाने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। इससे युवाओं को अपनी भाषा में नए विषयों को समझने और ज्ञान के व्यापक अवसरों से जुड़ने में मदद मिल सकती है।

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