राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की बैठक: रिम्स-2 भूमि अधिग्रहण और बोकारो मामले पर रिपोर्ट तलब

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने रांची में हुई बैठक में रिम्स-2 भूमि अधिग्रहण, बोकारो के बैदकारो विवाद समेत 15 मामलों की सुनवाई की। जांच पूरी होने तक निर्माण और कार्य पर रोक के निर्देश।


रांची: राजधानी रांची के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने बताया कि आयोग की बैठक में झारखंड के विभिन्न जिलों से अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े लगभग 15 मामलों की सुनवाई की गई। इन मामलों में भूमि अधिग्रहण, राजस्व विवाद, रजिस्ट्री और ग्रामसभा की अनुमति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

रिम्स-2 परियोजना के भूमि अधिग्रहण पर आयोग सख्त

आशा लकड़ा ने बताया कि बैठक का सबसे प्रमुख मामला रिम्स-2 परियोजना से जुड़ा रहा। इस परियोजना के लिए करीब 22 एकड़ भूमि अधिग्रहित किए जाने का मामला आयोग के समक्ष आया।

आयोग ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि जिन लोगों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया गया है या नहीं। इसके साथ ही भूमि से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की गई है।

आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच और सुनवाई पूरी होने तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा।

झारखंड में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत

आशा लकड़ा ने कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का और विस्तार किया जाना चाहिए। वर्तमान समय में राज्य के अधिकांश गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स का रुख करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि यदि राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी आधुनिक और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएं तो मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा तथा रिम्स पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा।

बोकारो के बैदकारो मामले में भी जांच के निर्देश

बैठक में दूसरा प्रमुख मामला बोकारो जिले के बैदकारो क्षेत्र से संबंधित रहा। यहां सीसीएल और वन विभाग पर ग्रामसभा की अनुमति के बिना पेड़ काटने तथा भूमि संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।

आशा लकड़ा ने बताया कि इस मामले में पहले स्थानीय अंचल अधिकारी (सीओ) ने भी प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज की थी। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी इसका विरोध किया था।

आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि जांच पूरी होने तक संबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कार्य नहीं किया जाएगा।

जमीन और राजस्व से जुड़े कई मामलों की सुनवाई

इसके अलावा आयोग के समक्ष जमीन, रजिस्ट्री और अन्य राजस्व मामलों से जुड़े कई प्रकरण भी आए। आयोग ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी है और सभी मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आयोग का कहना है कि अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों की रक्षा और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। सभी मामलों में तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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