साइबर फ्रॉड के एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्होंने बेल देने से इनकार कर दिया और कहा कि ऐसे साइबर अपराधी “परजीवी” हैं तथा समाज के लिए बेहतर है कि वे जेल में ही रहें।कोर्ट ने यह भी कहा कि साइबर अपराधी देशभर के लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं, जिससे आम लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। न्यायालय ने साइबर अपराधों की गंभीरता पर चिंता व्यक्त करते हुए इस तरह के मामलों में कड़े रुख का संकेत दिया।मुख्य न्यायाधीश की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया और कानूनी हलकों में इस विषय पर व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है।साइबर ठगी के पेशेवर इतनी तेजी से अपने दायरा फैला लिए है कि गली, मोहल्ले, कोई थाना क्षेत्र शायद बचे हुए हो पीड़ित व्यक्ति में, इन पर NSA लगा कर आजीवन इनकी आजादी छीन लिया जाए, देशद्रोह से भी घातक अपराध घोषित किया जाए l
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी चर्चा में आ गई
