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रांची: Kendriya Sarna Samiti के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को National Commission for Scheduled Tribes की सदस्य Dr. Asha Lakra से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात कर नागपुरी फिल्म ‘सेरेंग’ पर रोक लगाने की मांग की। समिति ने फिल्म पर आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय अध्यक्ष Bablu Munda ने किया। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि झारखंड के सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही फिल्म ‘सेरेंग’ की कहानी आदिवासी लड़की और एक मुस्लिम युवक के प्रेम संबंध तथा धर्म परिवर्तन कर विवाह जैसे विषयों पर आधारित है। उनके अनुसार, फिल्म में ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं जो समाज में गलत संदेश देने का काम कर रहे हैं।
बबलू मुंडा ने आरोप लगाया कि फिल्म में आदिवासी समुदाय के खिलाफ अभद्र भाषा और आपत्तिजनक टिप्पणियों का प्रयोग किया गया है, जिससे उरांव और मुंडा जनजाति की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप कर फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की दिशा में कार्रवाई करने की मांग की।

समिति के प्रधान महासचिव Ashok Munda ने भी आरोप लगाया कि फिल्म में सरना धर्म और सरना झंडा का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर आदिवासी समाज की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो समुदाय के लिए अस्वीकार्य है।
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को ज्ञापन सौंपते हुए फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की। साथ ही झारखंड में बन रहे कुछ नागपुरी एल्बम और फिल्मों में कथित रूप से बढ़ती अश्लीलता पर रोक लगाने की मांग उठाई गई।
प्रतिनिधिमंडल में Shobha Kachhap, Mahadev Toppo, Pradeep Munda सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
