राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग स्थापना दिवस पर जनजातीय अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया गया

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनजातीय समुदायों के अधिकारों, अस्मिता और सम्मान की रक्षा के संकल्प को दोहराया गया।

वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग केवल एक संवैधानिक संस्था नहीं, बल्कि देश के जनजातीय समाज के अधिकारों की सुरक्षा का सशक्त माध्यम है। यह आयोग जनजातीय भाई-बहनों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान और उनके समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समुदाय की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को भी रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज का जीवन दर्शन और पर्यावरण के साथ सामंजस्य भारत की सांस्कृतिक विविधता की अमूल्य धरोहर है।

इस अवसर पर लोगों से अपील की गई कि वे जनजातीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा, उनके सशक्तिकरण और समृद्ध भविष्य के निर्माण के लिए मिलकर प्रयास करें। “जनजातीय गौरव, भारत का गौरव” के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Leave a Reply

Discover more from Tribal Plus News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading