हजारीबाग जिला अदालत में गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव समेत तीन लोगों की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए विकास तिवारी, संतोष पांडेय, दिलीप साव और राहुल पांडेय को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
झारखंड उच्च न्यायालय की खंडपीठ-जस्टिस रंगोन मुखोपाध्याय और जस्टिस प्रदीप श्रीवास्तव-ने याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले को पलट दिया और सभी को सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड में बरी कर दिया।
इससे पूर्व हजारीबाग सिविल कोर्ट ने आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
गौरतलब है कि 2 जून 2015 को हजारीबाग कोर्ट परिसर में पेशी के लिए आए सुशील श्रीवास्तव, उनके सहयोगी कमाल खान और ग्यास खान की दिनदहाड़े AK-47 से हत्या कर दी गई थी। घटना उस समय भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई थी, जिसके बाद राज्यभर में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद सुरक्षा में तैनात 19 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
इस मामले में सदर थाने में कांड संख्या 610/15 दर्ज किया गया था। बाद में 1 अगस्त 2015 को पुलिस ने विकास तिवारी को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
