हजारीबाग के सेंट जेवियर्स स्कूल के तीन दोस्तों दिपांकर चौधरी, अनुराग द्विवेदी और अभिमन्यु कुमार ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की।
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रांची/हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के सेंट जेवियर्स स्कूल के एक ही बैच के तीन दोस्तों ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। दिपांकर चौधरी, अनुराग द्विवेदी और अभिमन्यु कुमार की यह कहानी स्कूल की बेंच से शुरू हुई दोस्ती से लेकर देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा तक के सफर को दर्शाती है।
तीनों की दोस्ती स्कूल के दिनों से ही रही है। पढ़ाई के दौरान साथ रहने के साथ-साथ आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी उनका आपसी सहयोग बना रहा। तैयारी के दौरान पढ़ाई से जुड़े विषयों पर चर्चा, एक-दूसरे से विचार साझा करना और मुश्किल समय में हौसला बढ़ाना उनके सफर का अहम हिस्सा रहा।
दिपांकर चौधरी ने हासिल की 42वीं रैंक
हजारीबाग के इन तीन दोस्तों में दिपांकर चौधरी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 42वीं रैंक हासिल की। दिपांकर इससे पहले IPS के रूप में भी चयनित हो चुके थे। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में एक बार फिर सफलता हासिल करते हुए बेहतर रैंक के साथ अपनी उपलब्धि दर्ज की।
उनकी सफलता ने यह दिखाया कि एक लक्ष्य को लेकर लगातार प्रयास और तैयारी जारी रखने से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
अनुराग द्विवेदी को 114वीं रैंक
दूसरे दोस्त अनुराग द्विवेदी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 114वीं रैंक हासिल की। स्कूल के दिनों से दिपांकर और अभिमन्यु के साथ उनकी दोस्ती रही है। परीक्षा की तैयारी के दौरान भी तीनों दोस्तों के बीच संपर्क और सहयोग बना रहा।

अनुराग की सफलता भी हजारीबाग के विद्यार्थियों के लिए चर्चा और प्रेरणा का विषय बनी है।
इंजीनियरिंग सेवा के बाद UPSC में सफलता
तीसरे दोस्त अभिमन्यु कुमार ने इंजीनियरिंग सेवा के बाद UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की। उन्होंने सिविल सेवा के माध्यम से भारतीय विदेश सेवा यानी IFS की दिशा में आगे बढ़ने का लक्ष्य बनाया।
अभिमन्यु की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का यह सफर भी तीनों दोस्तों की कहानी को खास बनाता है।
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स्कूल की दोस्ती से सिविल सेवा तक का सफर
तीनों दोस्तों की कहानी सिर्फ UPSC में सफलता तक सीमित नहीं है। स्कूल की बेंच पर साथ पढ़ने वाले तीन दोस्तों का आगे चलकर देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करना हजारीबाग के लिए खास उपलब्धि है।
इनकी यात्रा में निरंतर मेहनत, अनुशासन, सही मार्गदर्शन और दोस्तों के आपसी सहयोग की भूमिका सामने आती है। तीनों की सफलता से हजारीबाग के विद्यार्थियों के बीच भी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उत्साह बढ़ा है।
