कांके में गरीबों के निवाले पर डाका, गुस्साये गांववाले क्या बोले…

Ranchi : सरकार की योजनाएं गरीबों के घर तक राहत पहुंचाने के लिये बनाई जाती हैं, लेकिन जब वही राहत रास्ते में ही कटने लगे तो सबसे बड़ा नुकसान उस परिवार को होता है, जिसकी रसोई पहले से ही रोज की कमाई के सहारे चल रही हो। रांच के कांके प्रखंड क्षेत्र की कई जन वितरण प्रणाली (PDS ) दुकानों से ऐसी ही शिकायतें सामने आई हैं, जहां लाभुकों ने राशन वितरण में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गरीबों के हिस्से का अनाज कम तौला जा रहा है और राशन देने के बदले अतिरिक्त रुपये भी वसूले जा रहे हैं। इन आरोपों के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है

राशन भी कम, पैसा भी ज्यादा”

लाभुकों के अनुसार लाल, पीला और ग्रीन कार्डधारियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि प्रति माह मिलने वाले चावल में तीन किलो से लेकर पांच किलो तक की कटौती की जा रही है। वहीं, राशन लेने पहुंचने वाले लाभुकों से “अन्य खर्च” के नाम पर 20 से 30 रुपये तक अतिरिक्त राशि भी वसूली जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें जवाब मिलता है, “जो करना है, कर लो।” कुछ ग्रामीणों का इल्जाम है कि कुछ दुकानों में एक्सपायरी हो चुकी दाल बांटे जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गरीबों के हक के राशन में कटौती किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने दोषी पाये जाने वाले डीलरों का लाइसेंस रद्द करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं दूसरी ओर संबंधित राशन डीलर ने खुद को पूरी तरह दोषी मानने से इनकार किया है। डीलर का कहना है कि गोदाम से ही प्रति बोरी करीब पांच किलो अनाज कम मिलता है। इसके अलावा राशन ढुलाई करने वाले वाहन का किराया अलग से देना पड़ता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई महीनों से उनका मानदेय नहीं मिला है और मजदूरों का खर्च भी उन्हें ही उठाना पड़ता है।

Leave a Reply

Discover more from Tribal Plus News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading